दर्मियान एक एहसास अभी बाकी है..!!
शायद अगला मुकाम हमारा हो..
एक रुहानी जजबात अभी बाकी है..!!
मोहताज नही जिंदगी तकदीर की..
सच्चे हम, उनका सच होना अभी बाकी है..!!
हमने तो उम्मिद कबकी छोड दी थी..
सोचा था बस ईश्क छुटना अभी बाकी है..!!
अब सोचता हु, संजोग लु तुकडे ईश्क के..
शायद..ईश्क तेरा मेरा मुक्कम्मल होना अभी बाकी है..!!