मुसाफिर हुं, चलता रहुंगा..!!
हर कहीं खुदको तलाशते हुए, भटकता रहुंगा..!!
हर कहीं खुदको तलाशते हुए, भटकता रहुंगा..!!
जो खुबियां है मुझमे, उन्हे बिखेरता रहुंगा..!!
और दुसरो की अरदास सुनता रहुंगा..!!
जो साथ चलना चाहे, उन्हे लेता चलुंगा..!!
जो बिछड़ना चाहे, उन्हे खुशी से अलविदा कहता चलुंगा..!!
कोई रोकेगा प्यार से, तो रुक जाउंगा..!!
लेकिन फिर कभी उसे अकेला नहीं छोडूंगा..!!
उससे मेरे साथ हमेशा रेहने का वादा मांग लुंगा..!!
अगर दे दिया तो हमेशा साथ रहुंगा..!!
वरना.... मुसाफिर हुं.. चलता रहूंगा...💖🤗