Thursday, March 10, 2022

Kya hi farak padta tumhe ...

अबतक आदत नही मुझे के, हसते रोते खुदको सवार लेता हु!

तुमने भी मोहब्बत की होगी, झुठा सही खुदको जवाब देता हु!

भुल गये? याद हे? या लगता तुम्हे, मैं बस फरियाद करता हु??

क्या ही फरक पडता तुम्हे, चाहे रोज मे खुदको बरबाद करता हु!